गुमाँ है उसे कि मेरी उड़ान कुछ कम है।
पर यकीं है मुझे कि ये आसमान कुछ कम है ।।
भारत एक ऐसा देश है जहां क्रिकेट, खेल शब्द का पर्याय है । क्रिकेट के जुनून के चलते देश में खिलाड़ी पैदा होते हैं तो क्रिकेटर, दर्शक मिलते हैं तो क्रिकेट के । क्रिकेट की दीवानगी का आलम ये है कि लोग दूसरे खेलों या एथलेटिक्स को देखना और जानना भी नहीं चाहते ।
क्रिकेट की जुनूनियत के आलम के दरमियान एक शख्स ऐसा भी है जिसने क्रिकेट से अलग खेल को सीखा, खेला, और उसी को जिया भी। और अंत में उसी खेल की बदौलत अपने देश का सिर गौरव से ऊंचा कर दिया ।
जी हां…….. टोक्यो ओलंपिक 2021 में 121 सालों के लंबे इंतजार के बाद ट्रैक एंड फील्ड, भाला फेंक प्रतियोगिता में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया।
दोस्तों ! अब आप समझ चुके होंगे हम यहां किसकी बात कर रहे हैं । जी हां…….. नीरज चोपड़ा ( Neeraj Chopra )
यही वह नाम है, जिसने अपने जुनून और मेहनत के बल पर इतिहास रच दिया है । क्रिकेट के दीवाने देशवासियों को इस बात पर गर्व करने का अवसर दिया है कि उनके पास ऐसी प्रतिभाएं भी हैं जो ओलंपिक एथलेटिक्स में भी स्वर्ण पदक जिता कर देश का नाम रोशन कर सकते हैं । इसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने हाल ही में वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 में 88.13 मी0 भाला फेंक कर देश को एक और रजत पदक दिलाया है ।
तो आइए दोस्तों, आज हम आपको ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट, जैवलिन चैंपियन के बारे में अपने इस लेख Neeraj Chopra Biography in Hindi (Javelin Thrower) | भाला फेंक एथलीट, ओलंपिक 2021, नीरज चोपड़ा का जीवन परिचय के माध्यम से विस्तार से बताते हैं ।
Neeraj Chopra Biography in Hindi, Information About Neeraj Chopra in Hindi, Neeraj Chopra Wikipedia
बिन्दु | सूचना |
---|---|
वास्तविक नाम ( Real Name ) | नीरज चोपड़ा |
उपनाम ( Nick Name ) | नीरू, गोल्डन ब्वॉय |
जन्म तारीख ( Birth Date ) | 24 दिसंबर 1997 |
जन्म स्थान ( Birth Place ) | खंडरा गाँव, पानीपत, हरियाणा, भारत |
गृह नगर ( Home Town ) | पानीपत |
उम्र ( Age ) | 24 वर्ष (जुलाई 2022 के अनुसार ) |
शिक्षा ( Education ) | ग्रेजुएट, कला स्नातक ( BA ) |
कॉलेज ( College ) | DAV कॉलेज, चंडीगढ़ , कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, हरियाणा |
राष्ट्रीयता ( Nationality ) | भारतीय |
धर्म ( Religion ) | हिंदू |
जाति ( Cast ) | हिंदू रोर मराठा |
राशि ( Zodiac ) | वृश्चिक |
लंबाई ( Height ) | 5 फुट 10 इंच ( 177 सेमी0 ) |
वजन ( Weight ) | 65 किलोग्राम |
पेशा ( Profession ) | इंडियन ट्रैक एंड फील्ड एथलीट ( जैवलिन थ्रो ) |
वैवाहिक स्थिति ( Marital Status ) | अविवाहित |
शौक ( Hobbies ) | घूमना |
भारतीय सेना में पद | सूबेदार, राजपूताना राइफल्स, भारतीय सेना |
पुरस्कार ( Awards ) | अर्जुन पुरस्कार |
कोच ( Coach ) | उवे हॉन, गैरी कैल्वर्ट, Klaus Bartonietz |
नेटवर्थ ( NetWorth ) | लगभग $5 M |
विश्व रैंकिंग ( World Ranking ) | 4 |
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कौन हैं नीरज चोपड़ा ?, Who is Neeraj Chopra ?
नीरज चोपड़ा एक भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट हैं । क्रिकेट की दीवानगी के दौर में उन्होंने अलग हटकर भाला फेंक प्रतिस्पर्धा में ना सिर्फ अपनी पहचान बनाई है बल्कि टोक्यो ओलंपिक 2021 में 121 सालों के लंबे इंतजार के बाद ट्रैक एंड फील्ड, भाला फेंक प्रतियोगिता में भारत को स्वर्ण पदक दिला कर देश का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया है
नीरज चोपड़ा का जन्म व प्रारंभिक जीवन- Neeraj Chopra Birth and Early Life
जैवलिन चैंपियन नीरज चोपड़ा का जन्म हरियाणा में पानीपत के खंडरा नामक गांव में 24 दिसंबर 1997 को हुआ था । पानीपत में ही उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई । उनके पिता सतीश कुमार चोपड़ा एक किसान है । उनकी माता का नाम सरोज देवी है वह एक गृहिणी हैं ।
नीरज बचपन से ही हृष्ट-पुष्ट थे, परिवार के लोगों के प्यार, तथा हरियाणा के दूध, दही, घी का खाना के कारण केवल 11 वर्ष की उम्र में ही उनका वजन 80 किलो हो गया था ।
नीरज चोपड़ा का परिवार – Neeraj Chopra Family
नीरज चोपड़ा ( Neeraj Chopra ) का परिवार एक संयुक्त परिवार था, उस संयुक्त परिवार में 17 सदस्य रहते थे । अपने पांच भाई बहनों के परिवार में नीरज सबसे बड़े हैं, उनके पिता एक किसान है । आइए जानते हैं उनके परिवार के सदस्यों के बारे में –
सदस्य | नाम |
---|---|
पिता का नाम ( Father Name ) | सतीश कुमार चोपड़ा |
माता का नाम ( Mother Name ) | सरोज देवी |
बहनों के नाम ( Sisters Name ) | सरिता, संगीता |
नीरज चोपड़ा का शैक्षिक विवरण – Neeraj Chopra Education
नीरज की प्रारंभिक शिक्षा पानीपत से ही हुई है । आरंभिक पढ़ाई के बाद इन्होंने अपनी ग्रेजुएशन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़ से पूरी की है ।
नीरज चोपड़ा के कोच और उनका विवरण – Neeraj Chopra Coach
नीरज चोपड़ा के कोच उवे हॉन हैं । उवे हॉन रिटायर्ड ट्रैक और फील्ड एथलीट हैं, वे जर्मन के नागरिक हैं । उवे हॉन अपने समय के सर्वश्रेष्ठ भाला फेंक एथलीट रहे हैं, 100 मीटर या उससे अधिक दूरी तक भाला फेंकने वाले वे विश्व के एकमात्र एथलीट हैं, उनका विश्व कीर्तिमान 104.80 मीटर का है ।
नीरज चोपड़ा के एथलीट बनने की दास्तां – Story of Neeraj Chopra Becoming an Athlete
बचपन में केवल 11 वर्ष की उम्र में नीरज का वजन 80 किलो हो गया था । जब भी वे घर के बाहर निकलते तो बच्चे सरपंच कहकर उन्हें चिढ़ाया करते थे । उनका बढ़ता हुआ वजन उनके परिवार वालों को चिंतित करने लगा ।
उनके वजन को कंट्रोल करने के लिए परिवार वालों ने उन्हें वजन को कंट्रोल करने की हिदायत दी । उनके गांव खंडरा में जिम की कोई सुविधा ना होने की वजह से उन्होंने पानीपत में एक जिम जॉइन कर लिया, परंतु इसके लिए उन्हे 17 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था ।
वह रास्ते में पड़ने वाले शिवाजी स्टेडियम भी अक्सर जाया करते थे जहां वह अलग-अलग खेलों के एथलीट्स को अभ्यास करते हुए देखते थे । अपने एक इंटरव्यू में वह बताते हैं कि उनकी पॉकेट मनी केवल ₹30 होती थी, और उनके पास जूस पीने के लिए पैसे नहीं होते थे ।
नीरज चोपड़ा स्टेडियम में दौड़ लगाते हुए सीनियर भाला फेंक खिलाड़ी जयवीर को प्रैक्टिस करते हुए देखा करते थे । जयवीर ने राज्य स्तर पर भाला फेंक में हरियाणा राज्य का प्रतिनिधित्व किया था ।
खुद को प्रैक्टिस करते हुए उत्सुकता से देखने के कारण जयवीर ने नीरज से भाला फेंकने के लिए कहा । जब नीरज ने भाला फेंका तो उन्हे एहसास हुआ कि वह दूर तक भाला फेंक सकते हैं, और इसी आत्मविश्वास ने उन्हें भाला फेंक एथलीट बना दिया ।
कुछ समय तक उन्होंने जयवीर के साथ प्रशिक्षण किया । बाद में नीरज ने पंचकुला में एक स्पोर्ट्स नर्सरी में दाखिला ले लिया, उस समय वह 14 वर्ष के थे । वहां उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले एथलीट्स के साथ प्रशिक्षण लिया, और इस तरह नीरज ने भाला फेंक ( Javelin Throw ) को अपना कैरियर बना लिया ।
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भाला फेंक प्रतिस्पर्धा क्या है ?, नियम – What Is Javelin Throw ?, Rules
भाला फेंक ( Javelin Throw ) एक ट्रैक और फील्ड प्रतिस्पर्धा है। इसमें प्रतिभागी एक लंबे भाले ( Javelin ) को सीमित किए गए क्षेत्र में एक 4 मीटर चौड़े रनवे पर दौड़ते हुए, अधिक से अधिक दूर फेंकने का प्रयास करता है ।
इसमें रनवे की लंबाई 30 से 36.50 मीटर और चौड़ाई 4 मीटर होती है । रनवे के दूसरे छोर पर एक अर्धचंद्राकार ( Arch ) लाइन बनी होती है, जिसकी चौड़ाई 7 सेंटीमीटर होती है । इस लाइन को स्क्रैच लाइन कहते हैं ।
इस में प्रयोग किए जाने वाले जैवलिन के मुख्य रूप से 3 भाग होते हैं –
- सबसे आगे धातु का बना हुआ नुकीला भाग ( Tip)
- लचीली लकड़ी या धातु का शेष भाग
- इसके बीच में लकड़ी पर लपेटा हुआ मोटे धागे का भाग ( Grip) यह ग्रिप लकड़ी के डायमीटर से अधिकतम 0.31 इंच मोटी हो सकती है ।
जैवलिन थ्रो को भी तीन प्रमुख भागों में बांटा जाता है, रन-अप, ट्रांजिशन, डिलीवरी
भाला फेंक प्रतिस्पर्धा में सेक्टर एंगल 28.96 डिग्री होता है । भाले का वजन व जमीन से ऊंचाई महिला व पुरुषों के लिये भिन्न-भिन्न होती है, जो नीचे दी गई है –
जेंडर | लंबाई | वजन |
---|---|---|
पुरुष | 2.60 – 2.70 मी0 | 800 ग्राम |
महिला | 2.20 – 2.30 मी0 | 600 ग्राम |
भाला फेंक खेल के नियम – Javelin Throw Rules
- प्रतियोगी को भाला फेंकने के समय उसे कंधे के ऊपर से फेंकना चाहिए ।
- खिलाड़ी को अपनी पीठ, भाला छोड़ने से पहले पूर्णतः वृत्तखंड की ओर नहीं करनी चाहिए ।
- खेल में खिलाड़ी को कोई भी दस्ताने पहनने की छूट नहीं होती ।
- भाला छोड़ने से पहले खिलाड़ी रनवे नहीं छोड़ सकता, न ही पीछे मुड़ कर देख सकता है ।
- यदि खिलाड़ी वृत्तखंड या किनारे पर बनाई गई लाइनों को दौड़ते समय टच कर देता है, तो यह फाऊल माना जाता है ।
- इस खेल में यदि भाले का नुकीला हिस्सा जमीन पर गिरे और उसमें धंस जाए तभी सही थ्रो माना जाता है
- सही दूरी मापने के लिए खिलाड़ी का सेक्टर एंगल के अंदर टिप करना जरूरी है।
जैवलिन न खरीद पाने की मजबूरी –
Neeraj Chopra Biography in Hindi में आप जानेंगे कि नीरज एक गरीब परिवार से थे, उनके पास नीरज को भाला दिलाने के पैसे भी नहीं थे, किसी तरह उन्होंने नीरज को 7000 रुपये का भाला दिलवाया । हालांकि जैवलिन थ्रो के लिए मिलने वाले प्रोफेशनल भाले की कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपये थी ।
भले ही नीरज के हाथ में सस्ता भाला रहा हो, परंतु उनके हौसलों की उड़ान बहुत बुलंद थी।गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले नीरज के पास जैवलिन खरीदने के साथ-साथ एक पर्सनल कोच रखने की क्षमता भी नहीं थी ।
नीरज ने उसी सस्ते जैवलिन से अपने कैरियर को सजाया, संवारा और खुद को उस मुकाम पर पहुंचा दिया जहां ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने के बाद उनके ऊपर चारों ओर से करोड़ों रुपयों की बरसात होने लगी ।
नीरज भले ही आर्थिक रूप से कमजोर रहे हो परंतु मानसिक रूप से वे एक सशक्त खिलाड़ी है, उनका कहना था कि भले ही मेरे पास पैसों की कमी हो परंतु खेल के लिए मेरे अंदर जुनून की कमी नहीं ।
कोच ना होने पर उन्होंने खेल की बारीकियां सीखने के लिए वे यूट्यूब पर एक्सपर्ट के वीडियो देखा करते थे, और फिर उन्हीं के आधार पर प्रैक्टिस करते थे, उनकी यह कड़ी मेहनत रंग लाई और उनका कैरियर परवान चढ़ने लगा ।
नीरज चोपड़ा का एथलेटिक कैरियर ( भाला फेंक ) – Neeraj Chopra Athletic career ( Javelin Throw )
- नीरज चोपड़ा ने मात्र 11 वर्ष की उम्र में पानीपत के स्टेडियम में जयवीर चौधरी को जैवलिन थ्रो का अभ्यास करते देखा, तभी से इन्होंने जेवलीन थ्रो में अपना कैरियर बनाने का निश्चय कर लिया ।
- साउथ एशियन गेम्स 2016 में नीरज चोपड़ा ने 82.23 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता ।
- World Under-20 , 2016 में नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीता, पर दुर्भाग्य से वह 2016 ओलंपिक में क्वालीफाई ना कर सके ।
- एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2017 में नीरज चोपड़ा ने 85.23 मीटर भाला फेंक कर स्वर्ण पदकजीता ।
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में भी नीरज ने 86.48 मीटर दूरी पर भाला फेंक कर गोल्ड मेडल जीता । वह कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाले नीरज भारत के पहले भाला फेंक खिलाड़ी बने ।
- दोहा डायमंड लीग 2018 में इन्होंने 87.43 मीटर भाला फेंका ।
- नीरज चोपड़ा को 2018 में ही अर्जुन पुरस्कार प्रदान किया गया ।
- विशिष्ट सेवा मेडल भी इन्हें मिल चुका है ।
- 2018 में नीरज चोपड़ा ने एशियन गेम्स में 88.06 मीटर जैवलिन थ्रो करके स्वर्ण पदक जीता ।
- नीरज चोपड़ा ने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में भारत
नीरज चोपड़ा की वर्षवार एथलेटिक उपलब्धियां/रिकॉर्ड – Year wise Athletic Achievements/ Records of Neeraj Chopra
प्रतिस्पर्धा | स्थान | वर्ष | दूरी | स्थान |
---|---|---|---|---|
विश्व U20 चैंपियनशिप | व्यडगोस्जकज, पोलैंड | 2016 | 86.48 मी0 | 1 |
एशियाई चैंपियनशिप | भुवनेश्वर, भारत | 2017 | 85.23 मी0 | 1 |
विश्व महाद्वीपीय कप | ओस्ट्रावा, चेक गणराज्य | 2018 | 80.24 मी0 | 6 |
राष्ट्रमंडल खेल | गोल्ड कोस्ट, ऑस्ट्रेलिया | 2018 | 86.47 मी0 | 1 |
एशियाई खेल | जकार्ता, इंडोनेशिया | 2018 | 88.06 मी0 | 1 |
टोक्यो ओलंपिक 2021 | टोक्यो, जापान | 2021 | 87.58 मी0 | 1 |
वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 | यूजीन और ओरेगॉन, अमेरिका | 2022 | 88.13 मी0 | 2 |
वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 | बुडापेस्ट (हंगरी) | 2023 | 88.77 मी0 | 1 |
नीरज चोपड़ा को मिलने वाले सम्मान/पुरस्कार – Awards/Honours to Neeraj Chopra
प्रतिस्पर्धा का नाम | वर्ष | मेडल |
---|---|---|
राष्ट्रीय जूनियर चैंपियनशिप | 2012 | गोल्ड मेडल |
राष्ट्रीय युवा चैंपियनशिप | 2013 | सिल्वर मेडल |
तीसरा विश्व जूनियर अवार्ड | 2016 | गोल्ड मेडल |
एशियाई जूनियर चैंपियनशिप | 2016 | सिल्वर मेडल |
दक्षिण एशियाई खेल | 2016 | गोल्ड मेडल |
एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप | 2017 | गोल्ड मेडल |
एशियाई खेल चैंपियनशिप स्वर्ण गौरव | 2018 | गोल्ड मेडल |
गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेल | 2018 | गोल्ड मेडल |
अर्जुन पुरस्कार | 2018 | – |
टोक्यो ओलंपिक | 2021 | गोल्ड मेडल |
पद्म श्री पुरस्कार | 2022 | – |
वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप | 2022 | सिल्वर मेडल |
वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप | 2023 | गोल्ड मेडल |
आर्मी में जूनियर कमिशन्ड ऑफिसर ( JCO) भी हैं नीरज चोपड़ा –
दोस्तों इस लेख में हम बता रहे हैं कि ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा भारतीय सेना में जूनियर कमीशंड ऑफिसर के पद पर तैनात हैं । एक सक्षम खिलाड़ी बनने के बाद नीरज ने राष्ट्रीय स्तर के कई पदक जीते । पोलैंड में 2016 में IAAF World U20 चैंपियनशिप मैं इन्होंने 86.48 मीटर दूरी पर भाला फेंककर गोल्ड मेडल जीता ।
इनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर इंडियन आर्मी ने राजपूताना रेजीमेंट में इन्हें जूनियर कमीशंड ऑफीसर ( नायब सूबेदार ) पद पर भर्ती कर लिया । भारतीय सेना में भर्ती होने के बाद उन्होंने कहा था –
“मुझे अपने खेल प्रशिक्षण को बनाए रखने के लिए एक नौकरी की सख्त जरूरत थी, इसलिए मैंने नौकरी स्वीकार कर ली । मेरी फैमिली में कोई भी सरकारी नौकरी पर नहीं है मुझे यह नौकरी मिल चुकी है, अब मैं अपने परिवार की आर्थिक मदद कर सकूंगा , और अपनी ट्रेनिंग भी जारी रख सकूंगा ।”
विश्व रैंकिंग में नीरज चोपड़ा का स्थान – Neeraj Chopra World Ranking
प्रतियोगिता | स्थान | स्कोर |
---|---|---|
भाला फेंक ( पुरुष ) | 1 | 1455 (मई 2023 के अनुसार) |
समग्र रैंकिंग ( पुरुष ) | 107 | 1320 |
टोक्यो ओलंपिक 2021 में गोल्ड जीतकर बढ़ाया भारत का मान –
7 अगस्त……. जी हाँ …… यही वह ऐतिहासिक दिन था जब टोक्यो ओलंपिक 2021 में नीरज चोपड़ा ने इतिहास रचते हुए भारत को स्वर्ण पदक दिलाया और हम सबको गौरवान्वित होने का मौका दिया ।
जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता के फाइनल में अपने दूसरे ही प्रयास में नीरज ने 87.58 मीटर दूरी पर भाला फेंक कर गोल्ड मेडल पर अपना दावा पक्का कर लिया ।
चेक रिपब्लिक के दो खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया, उनके स्वर्ण पदक का महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि इससे पहले ओलंपिक में भारत ने एथलेटिक्स में कभी गोल्ड मेडल नहीं जीता था । ओलंपिक में उनकी इस सुनहरी जीत से पूरा देश झूम उठा ।
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नीरज चोपड़ा की कुल आय,नेटवर्थ- Neeraj Chopra NetWorth/Income/Salary
नीरज चोपड़ा ( Neeraj Chopra ) वर्तमान में JSW Sports टीम में हैं । वर्ष 2021 तक वे स्पोर्ट्स ड्रिंक की प्रसिद्ध कंपनी गेटोरेड के ब्रांड एंबेसडर थे । टोक्यो ओलंपिक 2021 में गोल्ड जीतने के बाद नीरज चोपड़ा की ब्रांड वैल्यू आश्चर्यजनक रूप से 1000% से भी अधिक बढ़ गई।
यहां तक की इस जीत ने उन्हें एक ऐसे मुकाम पर पहुंचा दिया जहां उन्होंने विराट कोहली को भी पीछे छोड़ दिया और सबसे मूल्यवान खिलाड़ी बन गए । वर्तमान में उनकी आय के आंकड़े (Neeraj Chopra NetWorth ), Neeraj Chopra Biography in Hindi पोस्ट में हम आपको बताते हैं जो निम्न प्रकार हैं –
मासिक आय | 40 लाख रुपए |
वार्षिक आय | 5 करोड़ रुपए |
कुल संपत्ति ( US डॉलर में ) | $ 4.5 मिलियन ( लगभग ) |
कुल संपत्ति (भारतीय रु0 में) | 37 करोड़ (लगभग) |
नीरज चोपड़ा वर्तमान में जिन कंपनियों के लिए प्रचार ( विज्ञापन ) कर रहे हैं वे निम्नलिखित हैं –
- एमस्ट्राड एसी
- P & G
- क्रेड ( CRED)
- गुड डॉट
- टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस
- मसलब्लेज
- मोबिल इंडिया
टोक्यो ओलंपिक 2021 में गोल्ड जीतने पर मिले ढेरों पुरस्कार –
दोस्तों नीरज चोपड़ा की जीवनी में हमने आपको बताया कि किसी समय अपने लिए एक प्रोफेशनल जैवलिन न खरीद पाने वाले नीरज चोपड़ा पर टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद मानों रुपयों की बारिश होने लगी, जो इस प्रकार हैं-
- हरियाणा सरकार ने नीरज चोपड़ा को 6 करोड़ रुपए का पुरस्कार दिया ।
- पंजाब सरकार ने नीरज चोपड़ा को 2 करोड़ रुपए पुरस्कार में दिए ।
- BCCI ने 1 करोड़ रुपए नीरज को पुरस्कार दिया ।
- चेन्नई सुपर किंग्स फ्रेंचाइजी की ओर से 1 करोड़ रुपए का पुरस्कार दिया गया ।
- भारत सरकार ने नीरज चोपड़ा को बड़े पद पर एक सरकारी नौकरी देने की घोषणा की ।
- महिंद्रा कंपनी के मालिक आनंद महिंद्रा ने नीरज चोपड़ा को एक्सयूवी 700 कार गिफ्ट करने का ऐलान किया ।
- यह भी घोषणा की गई कि नीरज चोपड़ा कहीं भी जमीन खरीदते हैं तो उन्हें 50% की छूट मिलेगी ।
- एक और घोषणा की गई कि नीरज चोपड़ा को पंचकूला में बनने वाले Athletes Centre का प्रमुख बनाया जाएगा ।
ओलंपिक उपलब्धि को फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह को किया समर्पित –
नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक की अपनी जीत को देश के महान धावक ‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह को समर्पित किया है ।
सोशल मीडिया पर नीरज चोपड़ा – Neeraj Chopra on Social Media
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नीरज चोपड़ा से संबंधित रोचक तथ्य – Neeraj Chopra Interesting Facts
Neeraj Chopra Wikipedia में आपको बताने जा रहे हैं उनके बारे में कुछ रोचक तथ्य जिन्हे जानकर आपको उनके बारे में कुछ मजेदार तथ्यों की जानकारी मिलेगी।
- नीरज चोपड़ा जब मात्र 11 साल के थे तब उनका वजन 80 किलो था।
- विकास गौड़ा के बाद नीरज दूसरे भारतीय एथलीट हैं जिन्होंने डायमंड लीग इवेंट में भाग लिया है।
- नीरज चोपड़ा ने 2014 में अपना पहला भाला खरीदा जिसकी कीमत 7000 रुपये थी, इन्होंने बाद में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए एक लाख रुपए का भाला खरीदा था ।
- चेक रिपब्लिक के एक रिटायर्ड ट्रैक और फील्ड एथलीट जेन जेलेंज़ी के यूट्यूब वीडियोस को देखकर इनमें भाला फेंक के लिए जुनून भर गया।
- भाला फेंक के नियमित अभ्यास और देश-विदेशों में विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभागिता के व्यस्त कार्यक्रमों की वजह से वे कक्षा नौ तक ही नियमित स्कूल में पढ़ाई कर सके, बाकी पढ़ाई उन्होंने ओपन स्कूल से की ।
- नीरज चोपड़ा ने प्रसिद्ध कोच उवे हॉन के साथ-साथ वर्नल डेनियल से भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है ।
- मिल्खा सिंह, कृष्णा पूनिया, विकास गौड़ा के बाद नीरज चोपड़ा ने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता है, वे ऐसे चौथे व्यक्ति हैं ।
- नीरज चोपड़ा भाला फेंक खेल की बारीकियां यूट्यूब वीडियो देखकर सीखते थे ।
भाला फेंक दिवस, 7 अगस्त – (Javelin Throw Day- 7 August )
7 अगस्त को नीरज चोपड़ा द्वारा टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद से यह दिन एक ऐतिहासिक दिन बन चुका है । नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीतकर इस दिन को भारतीय ओलंपिक के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिख दिया है ।
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 7 अगस्त को पूरे देश में भाला फेंक दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है।अतः अब 7 अगस्त भाला फेंक दिवस ( Javelin Throw Day) के रूप में पूरे देश में मनाया जाएगा ।
वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 में जीता सिल्वर मेडल(Neeraj Chopra Latest News )
इस पोस्ट में आप पढ़ रहे हैं टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड जीतने के बाद एक बार फिर से नीरज चर्चाओं में है उन्होंने हाल ही में वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है । नीरज चोपड़ा, अंजू बॉबी जॉर्ज के बाद दूसरे ऐसे भारतीय हैं जिन्होंने यह कारनामा कर दिखाया है ।
नीरज ने इस प्रतियोगिता के फाइनल में अपने चौथे प्रयास में 88.13 मीटर भाला फेंका, और सिल्वर मेडल पर अपना कब्जा जमाया ।
वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में जीता गोल्ड मेडल – (Neeraj Chopra Latest News
देश के जैवलिन स्टार नीरज चोपड़ा ने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 (World Athletics Championship 2023) जीतकर देश को एक और गोल्ड मेडल दिलाकर देशवासियों को गर्व करने का एक और मौका दे दिया है|
हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में 19 से 27 अगस्त तक आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप का 19 वां संस्करण आयोजित किया गया|
वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में भारत की ओर से देश के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीतकर करोड़ों फैन्स को खुशी से झूमने का मौका दिया है|
भारतीय समय के मुताबिक रात लगभग 11:45 बजे मुकाबला शुरू हुआ| भारत की ओर से क्वालीफाई करने वालों में नीरज चोपड़ा सहित तीन एथलीट्स थे |
प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए नीरज चोपड़ा ने पाकिस्तानी अरशद नदीम को पछाड़ते हुए 88.77 मीटर की दूरी पर भाला फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया|
विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में स्वर्ण पदक जीतकर नीरज चोपड़ा ने इतिहास रच दिया, वे इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं |
अरशद नदीम प्रतियोगिता में दूसरे और चेक रिपब्लिक के वाडलेच तीसरे स्थान पर रहे| नीरज चोपड़ा का पहला थ्रो फाउल रहा, पर दूसरे प्रयास में वे सफल रहे और स्वर्ण जीता| सफल थ्रो के बाद नीरज ने ग्राउंड पर ही झुककर सभी दर्शकों और प्रशंसकों का अभिवादन किया|
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FAQ
प्रश्न – नीरज चोपड़ा कौन है ?
उत्तर – नीरज चोपड़ा भारत के एक भाला फेंक ( Javeline Thrower ) एथलीट है ।
प्रश्न – नीरज चोपड़ा का जन्म कब और कहां हुआ था ?
उत्तर – नीरज चोपड़ा का जन्म खंडवा गांव, पानीपत, हरियाणा में 24 दिसंबर 1997 को हुआ था ।
प्रश्न – नीरज चोपड़ा के भाले का वजन कितना है ?
उत्तर – 800 ग्राम
प्रश्न – नीरज चोपड़ा के कोच का क्या नाम है ?
उत्तर – नीरज चोपड़ा के कोच का नाम उवे हॉन है । वे जर्मनी के हैं ।
प्रश्न – टोक्यो ओलंपिक 2021 में नीरज चोपड़ा ने कितनी दूर भाला फेंका ।
उत्तर – टोक्यो ओलंपिक में नीरज ने अपने दूसरे ही प्रयास में 87.58 मीटर दूर भाला फेंका ।
हमारे शब्द – Our Words
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